Renault Duster New Model Full Review: क्या यह नई एसयूवी भारतीय सड़कों पर दोबारा राज कर पाएगी?

Renault Duster

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भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में जब भी एक मजबूत और बेहतरीन राइड क्वालिटी वाली एसयूवी की बात होती है, तो Renault Duster का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। एक लंबे इंतज़ार के बाद रेनो ने अपनी इस आइकोनिक एसयूवी Renault Duster New Model के बिल्कुल नए अवतार को पेश किया है। ग्राहकों के मन में इस गाड़ी के परफॉर्मेंस, कम्फर्ट, फीचर्स और तकनीकी बदलावों को लेकर कई तरह के सवाल हैं।

इस लेख में हम नई रेनो डस्टर के 50 से अधिक परीक्षण मानकों (Tests) के आधार पर इसका एक व्यावहारिक और गहन वॉकअराउंड रिव्यू साझा कर रहे हैं। इंजन क्षमता से लेकर खराब रास्तों पर इसकी परफॉर्मेंस और प्रैक्टिकैलिटी तक, आइए आसान और स्पष्ट शब्दों में जानते हैं कि क्या आपको इस नई डस्टर को खरीदना चाहिए या नहीं।

एक्सटीरियर डिज़ाइन, स्मार्ट की और बूट स्पेस

नई रेनो डस्टर का बाहरी ढांचा देखने में एक पारंपरिक और दमदार एसयूवी का अहसास कराता है। इसकी चाबी (Smart Card Key) काफी आधुनिक है, जिसमें लॉक, अनलॉक, हेडलाइट ऑन करने और बूट को दूर से ही खोलने के विकल्प मिलते हैं।

  • हेडलाइट सेटअप और पेंट क्वालिटी: गाड़ी की एलईडी हेडलाइट्स की रोशनी (Intensity) और थ्रो रात के समय काफी बेहतरीन हैं, हालांकि कंपनी इसके स्प्रेड (रोशनी के फैलाव) को थोड़ा और बेहतर कर सकती थी। इसके बॉडी पैनल पर पेंट की क्वालिटी काफी शानदार और प्रीमियम है
  • टायर्स और ग्राउंड क्लीयरेंस: डस्टर के टॉप-एंड वेरिएंट्स में 18-इंच के बड़े अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। भारतीय सड़कों के लिहाज से इसमें 212 mm की विशाल ग्राउंड क्लीयरेंस मिलती है, जो इसे गड्ढों और पथरीले रास्तों पर आसानी से निकलने में मदद करती है। लेकिन एक सबसे बड़ी खामी यह है कि इस एसयूवी में कंपनी कोई भी स्पेयर व्हील (Stepney) ऑफर नहीं कर रही है।
  • बूट स्पेस टेस्ट: सेगमेंट में इसके बूट स्पेस को सबसे बड़ा माना जा रहा है। हमारे परीक्षण में इसमें एक लार्ज, एक मीडियम और एक स्मॉल साइज का सूटकेस बेहद आसानी से फिट हो गया। इसके बावजूद दो छोटे बैकपैक्स और एक बड़ा कैमरा बैग रखने के लिए पर्याप्त जगह बच जाती है।

केबिन, इंटीरियर और इंफोटेनमेंट सिस्टम

गाड़ी के केबिन में प्रवेश करना और बाहर निकलना (Ingress/Egress) ज़्यादातर लोगों के लिए बेहद सहज है, परंतु यदि आपके परिवार में कोई बुजुर्ग सदस्य है या किसी की लंबाई कम है, तो ऊंची सीट होने की वजह से उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है।

इंटीरियर और फिट-फिनिश

डस्टर के इंटीरियर को पूरी तरह से स्पोर्टी लुक दिया गया है। डैशबोर्ड के ऊपरी हिस्से में बनावट वाले (Textured) हार्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल हुआ है, जबकि नीचे की तरफ सॉफ्ट-टच मटेरियल दिए गए हैं। फिट और फिनिश के मामले में रेनो ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन हुंडई क्रेटा या किआ सेल्टोस जैसी प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में यह केबिन बहुत ज़्यादा आलीशान (Premium) महसूस नहीं होता है।

Renault Duster

टचस्क्रीन और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

गाड़ी के बीच में दिया गया टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम काफी ब्राइट और स्मूथ है। इसका यूजर इंटरफेस (UI) पूरी तरह से Google आधारित है, जिसके कारण इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है|

इसमें इनबिल्ट गूगल मैप्स के साथ वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले की कनेक्टिविटी डिफ़ॉल्ट मिलती है। इसका डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर काफी सिंपल और बेसिक डिज़ाइन का है। जो लोग ओवर-लोडेड और जटिल टेक्नोलॉजी को पसंद नहीं करते, उनके लिए यह मिनिमलिस्टिक क्लस्टर काफी आरामदायक रहने वाला है।

व्यावहारिक स्टोरेज, केबिन स्पेस और कम्फर्ट

दैनिक उपयोगिता के मामले में नई डस्टर को काफी सोच-समझकर डिज़ाइन किया गया है। गाड़ी के अंदर यात्रियों की सुविधा के लिए कई बड़े और व्यावहारिक स्टोरेज स्पेस दिए गए हैं, जिन्हें नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझा जा सकता है:

केबिन का हिस्सास्टोरेज क्षमता और फीचर्स (Storage & Utilities)
फ्रंट डोर पैड्स1 लीटर की पानी की बोतल रखने के लिए सही जगह।
सेंटर कंसोलदो रिमूवेबल कप होल्डर्स, जिन्हें हटाकर बड़ा स्टोरेज बनाया जा सकता है।
ग्लव बॉक्सकाफी गहरा स्पेस, जिसमें दो 1-लीटर की बोतलें आराम से आ जाती हैं।
चार्जिंग पोर्ट्स (फ्रंट)एक वायरलेस चार्जिंग पैड, 12V सॉकेट और दो Type-C पोर्ट्स।
चार्जिंग पोर्ट्स (रियर)पीछे की सीट पर यात्रियों के लिए दो अलग Type-C पोर्ट्स।
रियर सीट स्टोरेजसीटों के पीछे पॉकेट्स और आर्मरेस्ट में दो कप होल्डर के साथ फोन होल्डर।

रियर सीट स्पेस एनालिसिस

ड्राइवर सीट को 5 फुट 8 इंच की लंबाई के अनुसार एडजस्ट करने के बाद, पीछे की सीट पर लंबे यात्रियों के लिए बहुत अच्छी खबर नहीं है। यदि आपकी लंबाई 6 फुट या उससे अधिक है, तो रियर सीट पर आपको थोड़ा टाइट महसूस हो सकता है। घुटनों के लिए जगह (Knee Room) और थाई सपोर्ट (Thigh Support) ठीक-ठाक है, मगर सेगमेंट में सबसे बेस्ट नहीं कहा जा सकता|

। पीछे की रो में तीन मध्यम कद के वयस्क लोग थोड़े टाइट होकर बैठ सकते हैं। फ्रंट सीट्स की बात करें तो ड्राइवर सीट इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट और मैनुअल लम्बर सपोर्ट के साथ आती है, वहीं स्टीयरिंग व्हील को टिल्ट और टेलीस्कोपिक दोनों तरीकों से एडजस्ट किया जा सकता है।

इंजन ऑप्शंस, गियरबॉक्स और परफॉर्मेंस टेस्ट

नई डस्टर बाजार में कुल तीन इंजन विकल्पों के साथ पेश की जा रही है:

  1. 1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन: यह वही इंजन है जो रेनो काइगर में आता है। यह आपके दैनिक शहर के सफर के लिए पर्याप्त पावर जेनरेट करता है।
  2. 1.3 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन: यह इस गाड़ी का सबसे पावरफुल इंजन है (यही समान इंजन मर्सिडीज अपनी GLA और A-Class में भी उपयोग करती है)। यह 160 BHP की जबर्दस्त पावर देता है। एक्सेलरेटर दबाते ही गाड़ी तेजी से आगे भागती है, लेकिन एक्सप्रेसवे पर 80 किमी/घंटे की रफ्तार के ऊपर क्विक ओवरटेक करते समय इंजन और गियरबॉक्स के कॉम्बिनेशन में थोड़ा लैग (देरी) महसूस होता है।
  3. 1.8 लीटर हाइब्रिड इंजन: यह वेरिएंट आगामी दिवाली के आसपास लॉन्च होने की उम्मीद है।

हमारे कड़े टेस्ट के दौरान गाड़ी के एक्सेलेरेशन, ब्रेकिंग और एनवीएच (NVH) लेवल्स के जो वास्तविक आंकड़े सामने आए, वे इस प्रकार हैं:

टेस्ट पैरामीटर (Test Parameter)वास्तविक टेस्ट आंकड़े (Real Test Data)
0 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार11.10 सेकंड (काफी तेज़)
सिटी ओवरटेकिंग टाइम1.79 सेकंड (बेहद सुविधाजनक)
100 किमी/घंटे की स्पीड पर ब्रेकिंग27.32 मीटर में गाड़ी पूरी तरह रुक जाती है (सॉलिड ब्रेकिंग)
हिल क्लाइंब टेस्ट (पहाड़ी चढ़ाई)1.3L इंजन बिना किसी संघर्ष के आसानी से चढ़ जाता है।

स्पीडोमीटर सटीकता (Speedometer Error)

परीक्षण में पाया गया कि इसका स्पीडोमीटर वास्तविक गति से थोड़ा अधिक आंकड़ा दिखाता है। जब सुई 45 पर होती है तो वास्तविक स्पीड 43.1 किमी/घंटे होती है, 60 की स्पीड पर वास्तविक गति 57.4 किमी/घंटे और 80 की स्पीड दिखाने पर गाड़ी असल में 77.5 किमी/घंटे की रफ्तार पर चल रही होती है।

केबिन का शोर (NVH Levels Test)

  • आइडल कंडीशन (0 किमी/घंटे): 49.1 डेसिबल (dB)
  • 60 किमी/घंटे की रफ्तार पर: 64.9 डेसिबल (dB)
  • 80 किमी/घंटे की रफ्तार पर: 67.0 डेसिबल (dB)
  • 100 किमी/घंटे की रफ्तार पर: 70.2 डेसिबल (dB)

राइड क्वालिटी, हैंडलिंग और ADAS फीचर्स

राइड कम्फर्ट हमेशा से डस्टर की सबसे बड़ी ताकत रही है। हमने इसका परीक्षण उत्तराखंड के टूटे-फूटे और बेहद खराब रास्तों पर किया, जहां इसके सस्पेंशन ने कमाल का प्रदर्शन किया। यह गड्ढों के झटकों को केबिन के अंदर नहीं आने देती।

  • एसयूवी वाली फील: जब आप इसे चलाते हैं, तो यह एक असली ऊंची एसयूवी जैसी महसूस होती है। इसके बोनट के किनारे साफ दिखाई देते हैं, जिससे ड्राइवर को महिंद्रा XUV700 जैसी बड़ी गाड़ी चलाने जैसा अहसास होता है।
  • हैंडलिंग और बॉडी रोल: मोड़ पर थोड़ा बहुत बॉडी रोल (झुकाव) महसूस होता है, जो कि एक ऊंची एसयूवी के लिए स्वाभाविक है, लेकिन यह कभी भी आपको नर्वस नहीं करती। हालांकि, अगर आपको स्पोर्टी ड्राइविंग और नुकीले मोड़ों पर गाड़ी भगाना पसंद है, तो स्कोडा कुशाक या फॉक्सवैगन टाइगुन इससे कहीं बेहतर हैंडलिंग प्रदान करती हैं। डस्टर की हैंडलिंग क्रेटा और सेल्टोस जैसी ही है।
  • Advanced Driver Assistance Systems (ADAS): इसमें मिलने वाला एडास (ADAS) सिस्टम भारतीय परिस्थितियों में बेहतरीन काम करता है। इसका लेन कीप असिस्ट और ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन सेंसर काफी सटीक हैं, हालांकि इसके फ्रंट कोलिजन ब्रेकिंग (सड़क पर अचानक कुछ आने पर ब्रेक लगना) की सेंसिटिविटी थोड़ी सी ज़्यादा महसूस होती है।

अंतिम निर्णय

रेनो डस्टर उन ग्राहकों के लिए एक आदर्श पैकेज है जिनका रोजाना का सफर खराब रास्तों या ग्रामीण इलाकों में होता है, जहां बेहतरीन राइड क्वालिटी और 212 mm की ग्राउंड क्लीयरेंस की सख्त ज़रूरत होती है।

यदि केबिन के फीचर्स और आलीशान (Premium) इंटीरियर की बात करें, तो बाजार में क्रेटा जैसी कई गाड़ियां इसे पछाड़ देती हैं। लेकिन डस्टर का सबसे बड़ा फायदा इसकी कीमत और पावर का समीकरण है। कंपनी इसके TNO और TNO Plus वेरिएंट्स में उसी बजट के अंदर 160 BHP की बड़ी पावर दे रही है, जहां दूसरी कंपनियां केवल 110 से 115 BHP की पावर ऑफर करती हैं। यदि रेनो इसके 1.0 लीटर टर्बो वेरिएंट को बेहद आक्रामक और कम कीमत पर लॉन्च करती है, तो यह भारतीय बाजार में ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी वैल्यू-फॉर-मनी डील साबित हो सकती है।

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